पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बार पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमला किया है. पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के कई इलाकों पर बम बरसाए हैं. पाकिस्तानी सैनिकों के विमान ने यहां एक अस्पताल को भी अपना निशाने पर लिया. खबरों के मुताबिक इस हवाई हमले में 400 लोगों की मौत हुई है, जबकि ढाई सौ से ज्यादा लोग घायल हैं.
तालिबान सरकार ने पाकिस्तान सरकार के इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि यह मानवता के खिलाफ अपराध है और पाकिस्तान ने हमारे एयर स्पेस का उल्लंघन किया है. तालिबान ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर भी हवाई अटैक किया है.
पाकिस्तान-अफगानिस्तान में टेंशन क्यों?
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव की मुख्य वजहें सीमा विवाद, आतंकवाद और आपसी अविश्वास से जुड़ी रही हैं। सबसे बड़ा मुद्दा डूरंड लाइन (Durand Line) है, जो दोनों देशों के बीच आधिकारिक सीमा मानी जाती है। पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है, लेकिन अफगानिस्तान ने ऐतिहासिक रूप से इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। इस सीमा के दोनों ओर पश्तून समुदाय रहता है, जिससे “पश्तूनिस्तान” का मुद्दा भी समय-समय पर उठता रहा है और संबंधों में तनाव बढ़ता है।
दूसरी बड़ी वजह आतंकवाद और उग्रवादी समूह हैं। पाकिस्तान अक्सर आरोप लगाता है कि अफगानिस्तान की जमीन से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठन उस पर हमले करते हैं। वहीं अफगानिस्तान (खासतौर पर तालिबान सरकार) पाकिस्तान पर आरोप लगाता है कि वह उनके आंतरिक मामलों में दखल देता है और सीमा पर कार्रवाई करता है।
इसके अलावा, सीमा पर झड़पें, शरणार्थियों का मुद्दा, और राजनीतिक अविश्वास भी दोनों देशों के रिश्तों को लगातार तनावपूर्ण बनाए रखते हैं। कुल मिलाकर, यह संबंध सहयोग और टकराव के बीच झूलता रहा है, जिसमें भरोसे की कमी सबसे बड़ी समस्या है।