अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे पैदा करने वाले बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा है कि समाज खतरे में पड़ नहीं जाएगा बल्कि समाज खतरे में पड़ गया है. हम नहीं चेते तो बहुत जल्द हमारा भारत पाकिस्तान बन जाएगा या फिर बांग्लादेश बन जाएगा. हिंदुओं को अब हम दो हमारे दो को छोड़ना होगा. कांग्रेस की मुहिम छोड़नी होगी. हमें तीन, चार या फिर जो भगवान चाहें उतने पैदा करने होंगे. आज संतों की संख्या भी कम होती जा रही है. बच्चे ज्यादा होंगे तो अखाड़े संतों से भर जाएंगे. भागवत ने जो कहा उसे हर हाल में मानना होगा. 3 या 4 या फिर उससे ज्यादा भी बच्चे हों तो स्वीकार करना होगा.
हिंदू 3 बच्चे पैदा करें, समाज नष्ट होने का खतरा
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समाज को दो की बजाए 3 बच्चे पैदा करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत से नीचे नहीं होनी चाहिए. इसके लिए 2 की बजाए 3 बच्चे पैदा करें. यह संख्या इसलिए जरूरी है, जिससे समाज जिंदा रहे. नागपुर में कठाले कुल सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश की जनसंख्या नीति 1988-2002 में तय हुई थी. इसके मुताबिक अगर किसी समाज की जनसंख्या वृद्धि दर 2.1 से नीचे जाती है. इससे वह समाज अपने आप नष्ट हो जाएगा. (तस्वीर साभार – अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद फेसबुक पेज से साभार)