बांग्लादेश में इस्कॉन के चिन्मय दास प्रभु समेत कई पुजारियों की गिरफ्तारी के बाद उनके वकील रमण रॉय की बेरहमी से पिटाई की गई. वो इस वक्त आईसीयू में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं. इस घटना के बाद इस्कॉन ने हिंदुओं और अपने अनुयायियों को सलाह दी है कि वो तिलक मिटा दें, तुलसी की माला छिपा, अपना सिर ढंक लो और भगवा पहनने से बचें.
ये सलाह इस्कॉन कोलकाता की ओर से जारी की गई है. जिसमें कहा गया है कि सभी भिक्षुओं और सदस्यों को सलाह दे रहा हूं कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अपनी सुरक्षा करने और संघर्ष से बचने के लिए बहुत सावधान रहना चाहिए. मैंने उन्हें सुझाव दिया है कि वो भगवा कपड़े और माथे पर सिंदूर लगाने से बचें. अगर माला या डोरे पहनने की जरूरत हो तो उन्हें इस प्रकार पहनें कि वो कपड़ों के अंदर छिपी रहे और संभव हो तो अपन सिर भी ढंकें. कुल मिलाकर भिक्षुओं के रूप में सामने न आएं.
शेख हसीना सरकार के तख्तापलट और नई अंतरिम सरकार के गठन के बाद से लगातार हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा अभी तक जारी है. यहां अब इस्कॉन पुजारी और उससे जुड़े लोग कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं. इस बीच शेख हसीना ने बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस पर अल्पसंख्यकों की सामूहिक हत्या और उन्हें हिंसा बनाए जाने का जिम्मेदार बताया है.
शेख हसीना ने कहा है कि आज बांग्लादेश में टीचर्स, पुलिस, नेता सभी पर हमले किए जा रहे हैं. हिंदुओं, बौद्धों और इसाइयों को निशाना बनाया बनाया जा रहा है. इस बीच 11 चर्च और कई मंदिरों पर हमले किए गए हैं. इस्कॉन पर हमला हुआ. अब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है. शेख हसीना ने आरोप लगाया कि मेरे पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की तरह ही उनकी भी हत्या करने की योजना थी. मैंने बांग्लादेश छोड़ दिया क्योंकि मैं नरसंहार नहीं चाहती थी.