Delhi election 2025 संगम में अपने कैबिनेट के 54 मंत्रियों के साथ बैठक से पहले स्नान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चुनौती दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि – अगर एक मुख्यमंत्री के रूप में मैं और मेरे मंत्री संगम में स्नान कर सकते हैं तो क्या केजरीवाल भी अपने मंत्रियों के साथ यमुना जी में स्नान कर सकते हैं. मुख्यमंत्री योगी यहीं नहीं रुके उन्होंने पुजारियों के भत्ते के मुद्दे पर भी अरविंद केजरीवाल को घेरा. उन्होंने कहा कि – पुजारियों को भत्ते के वादे से आस्था के सम्मान की बात करने वाले केजरीवाल हिसाब दें कि कितने मंदिरों का दिल्ली में सौंदर्यीकरण कराया है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यराज 14 जनसभाएं करेंगे. सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुख्यमंत्री योगी गणतंत्र दिवस से पहले 23 जनवरी को दिल्ली में अपनी पहली रैली कर सकते हैं. बता दें कि दिल्ली चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया है.
पिछले दिनों दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है. लिस्ट में कुल 40 स्टार प्रचारक शामिल हैं. इस लिस्ट में यूपी से 9 नेताओं को शामिल किया गया है. जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, सांसद रवि किशन, अतुल गर्ग, हेमा मालिनी को भी दिल्ली में चुनाव प्रचार की कमान दी गई है.
इससे पहले उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर हुए उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी की कमान संभाले हुए थी उसी दौरान दूसरी ओर यूपी से बाहर भी चुनाव प्रचार में उनकी भारी डिमांड थी. झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों के लिए चुनाव प्रचार किया. उन्होंने महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी ज्यादा रैली की. यहां उन्होंने 22 रैली की. जबकि प्रधानमंत्री यहां सिर्फ ग्यारह रैली को संबोधित किया. इसी तरह झारखंड में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताबड़तोड़ कई रैलियां की.
इससे पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी के दिए नारे – बंटेंगे तो कटेंगे का मतदान पर काफी असर हुआ. ऐसा माना जा रहा है कि इस नारे की वजह से हिंदू मतदाताओं को एकजुट होकर मतदान करने के लिए प्रेरित किया. जबकि विपक्ष को पता है कि हिंदू वोट को बांट कर ही वो बीजेपी के किले में सेंध लगा पाएंगे. इसलिए वो जाति जनगणना, आरक्षण को खत्म किए जाने का डर दिखा कर हिंदुओं की एकता पर प्रहार की कोशिश करती रही. लोकसभा चुनाव में उसे इस हथकंडे का फायदा भी मिला था. लेकिन हरियाणा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस नारे ने विपक्ष को करारा जवाब दिया. इससे पहले राजस्थान, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में भी योगी आदित्यनाथ ने जमकर पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किया. (तस्वीर साभार- MYogiAdityanath फेसबुक पेज से साभार)