पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सड़क पर उतर आई हैं. उन्होंने Kolkata की सड़कों पर चुनाव आयोग के SIR के खिलाफ रैली निकाली. इस दौरान उन्होंने अपने हाथ में संविधान ले रखा था. Trinamool Congress नेताओं का कहना है कि Mamata Banerjee का यह विरोध प्रदर्शन बंगाली अस्मिता और संविधान की रक्षा का संघर्ष है. यह जंग केवल voter list की नहीं, बल्कि बंगालियों के मताधिकार की सुरक्षा का है. रैली के दौरान TMC नेता Abhishek Banerjee ने दावा किया कि पिछले 7 दिनों में SIR प्रक्रिया की वजह से सात लोगों की मौत हो गई है.
Mamata Banerjee के इस विरोध प्रदर्शन पर Bharatiya Janata Party का कहना है कि – अगर Mamata Banerjee को कुछ कहना है तो उन्हें Supreme Court का दरवाजा खटखटाना चाहिए. West Bengal में पूरी तरह से अराजकता है और कानून व्यवस्था बिल्कुल नहीं हैं. बीजेपी मे Mamata Banerjee पर आरोप लगाया कि वो Rohingya को राज्य में बुला रही हैं. क्या जनता चाहती है कि Rohingya को voter list से जोड़ा जाए. बता दें कि SIR के दूसरे चरण की प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलेगी. (तस्वीर – ममता बनर्जी फेसबुक पेज से साभार)