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कौन थीं वीरांगना ऊदा देवी पासी? क्या वामपंथी इतिहासकारों ने उनके बलिदान को छिपा दिया था?

Anju Pankaj Desk, November 17, 2025November 17, 2025

हमारे इतिहास की गाथा तमाम नायकों के बलिदानों से भरी पड़ी हैं. लेकिन जाने क्यों हम उन नायकों और उनके बलिदान से अनजान हैं. ऐसी ही एक वीरांगना थीं ऊदा देवी पासी. वीरांगना ऊदा देवी पासी आजादी की लड़ाई की सिपाही थीं. जो अपनी जान की परवाह किए बिना अंग्रेजों के सैनिकों से भिड़ गई थीं. वो अवध के छठे नवाब वाजिद अली शाह की महिला दस्ते की सदस्य थीं. 1857 के प्रथम स्वतंत्रा संग्राम के दौरान लखनऊ की घेराबंदी के समय करीब दो हजार भारतीय सिपाहियों ने सिकंदर बाग में शरण ले रखी थी. 16 नवंबर, 1857 को इन पर अंग्रेजों की सेना ने हमला कर दिया और भारतीय सैनिकों को बुरी तरह संहार किया.

इस अटैक के दौरान वीरांगना ऊदा देवी पासी ने पुरुषों के कपड़े पहने और एक बंदूक और कुछ गोला बारूद लेकर एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गईं और वहीं से अंग्रेजों के सैनिकों पर फायरिंग शुरू कर दी. उन्होंने अंग्रेजों के सैनिकों को सिकंदर बाग में तब तक घुसने नहीं दिया, जब तक उनका गोला बारूद खत्म नहीं हो गया. इस दौरान उन्होंने 36 अंग्रेज सैनिकों को ढेर कर दिया था. इसके बाद जब वो पेड़ से उतर रही थीं. तभी अंग्रेज सैनिकों ने उन्हें गोली मार दी. कहते हैं कि अंग्रेजों ने उनके पूरे शरीर पर गोली मारी थी. ऐसा कहा जाता है कि वीरांगना ऊदा देवी पासी की वीरता को देखकर प्रभावित हुए अंग्रेज अधिकारी कॉल्विन कैम्बेल ने अपनी हैट उतारकर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी.  

वीरांगना ऊदा देवी पासी की प्रतिमा के अनावरण के दौरान रक्षामंत्री Rajnath Singh ने कहा कि वामपंथी इतिहासकारों ने ऐसा दुष्प्रचार किया कि आजादी की लड़ाई एक पार्टी और वर्ग के लोगों ने लड़ी थी. वहीं सर्वस्व न्यौछावर करने वालों को वह स्थान नहीं मिला. जिसके वो हकदार थे. अब यूपी की Yogi Governmentने हर क्रांतिकारी, बलिदानी, भारत माता के सपूत के योगदान को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया. जिससे की हमारी वर्तमान पीढ़ी हमारे महान पुरुषों के बारे में जानें.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि वामपंथी इतिहासकारों ने अपनी सुविधानुसार इतिहास को लिखा, जिसमें दलित और पिछड़े समाज के नेताओं की वीरता और बलिदान को दरकिनार किया गया. पूर्व की सरकारों ने भी पासी और दलित समाज के नायकों को उचित स्थान नहीं दिया.

बता दें कि लखनऊ में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वीरांगना ऊदा देवी पासी के बलिदान दिवस पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. वीरांगना ऊदा देवी पासी की यह प्रतिमा वृंदावन कॉलोनी के पासी चौराहे पर स्थापित की हई है. जो 12 फीट ऊंची और इस प्रतिमा में वीरांगना ऊदा देवी पासी हाथ में बंदूक लिए नजर आ रही हैं. (तस्वीर साभार – एमयोगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज से साभार)

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