Kashi-Tamil Sangamam : उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में काशी-तमिल संगमम के चतुर्थ संस्करण का आगाज हो गया है. इस कार्यक्रम का शुभारंभ नमो घाट पर हुआ. जिसमें तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के.कैलाशनाथन शामिल हुए. इस मौके पर तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिल के लोगों को दर्द समझा और इस कार्यक्रम की शुरूआत की.
काशी-तमिल संगमम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे की किताब का विमोचन करने के साथ-साथ उन्हें सम्मानित किया.
काशी-तमिल संगमम क्या है?
काशी-तमिल संगमम भारत के उत्तर और दक्षिण के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध का जश्न है. इसका मकसद तमिलनाडु और वाराणसी (काशी) के बीच ज्ञान और सभ्यता के सदियों पुराने संबंध को फिर से तलाशना है. इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के छात्रों को तमिल भाषा का अध्ययन कराया जाएगा. उत्तर प्रदेश के कुल 300 छात्र 2 दिसंबर से 10 बैच में तमिलनाडु पहुंचेंगे. (तस्वीर साभार – एमयोगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज से साभार)