वैसे तो आजादी और बंटवारे के बाद जिस Pakistan से हिंदुओं को मारकर भगाया गया. जहां जीने के लिए हिंदुओं ने मजबूरी में इस्लाम अपना लिया हो, वहां हिंदू मंदिर और गुरुद्वारे की हालत का अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है. आए दिन वहां के हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएं सच्चाई बयां कर देती हैं. पाकिस्तानी मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक Pakistan में Hindu और सिखों के 1763 मंदिर और गुरुद्वारे हैं. जिनमें से सिर्फ 37 एक्टिव हैं. यानी सिर्फ इतने ही पूजा स्थलों में पूजा अर्चना हो रही है.
इस बात का खुलासा Pakistan की माइनॉरिटी कॉकस की संसदीय समिति की रिपोर्ट में हुआ है. इस रिपोर्ट में सरकार के दमनकारी फैसले और इन मंदिर और गुरुद्वॉरों को लेकर सरकारी उदासीनता का जिक्र भी किया गया है. बंटवारे के बाद बड़ी संख्या में हिंदुओं के पलायन से Pakistan में उनकी विरासत न केवल खंडहर में तब्दील हो रही हैं, बल्कि वो अब अतिक्रमण का शिकार हो रही हैं.
Pakistan की संसदीय समिति को रिपोर्ट में बताया गया है कि Hindu-सिख आबादी कम होने और इनका रख रखाव करने वाली सरकारी एजेंसियों (जैसे इवैकी ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड) के ठीक से काम नहीं करने की वजह से ऐसा हो रहा है. यहां के अल्पसंख्यक नेता इवैकी ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड को नाम करार देते हैं और किसी गैर मुस्लिम को इसका चेयरमैन बनाने की मांग करते हैं. रिपोर्ट में Pakistan की शिक्षा प्रणाली में हेट मटेरियल को जिम्मेदार बताया है. (The image was created with the help of AI)