गृहमंत्री अमित शाह ने वोट चोरी को लेकर कांग्रेस को जमकर घेरा. उन्होंने लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान कहा कि – चुनाव धांधली या फिर वोट चोरी का एक बेहतरीन उदाहरण है कि आजादी के बाद देश में प्रधानमंत्री का चुनाव राज्य प्रमुखों के वोटों के आधार पर होना था. इसमें सरदार पटेल को 28 वोट मिले, जबकि नेहरू जी को केवल दो वोट मिले. फिर भी वो प्रधानमंत्री बन गए. जब कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता बन जाता है तो इसे भी वोट चोरी माना जाता है.
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष कहता है कि भारतीय जनता पार्टी को सभी सत्ता विरोधी लहर का सामना नहीं करना पड़ता. सत्ता विरोधी लहर का सामना तो उन्हें करना पड़ता है जो जनहित के खिलाफ काम करते हैं. यह बात सही है. हमारी सरकार बार-बार चुनकर आती है. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि साल 2014 के बाद हम कोई चुनाव नहीं हारे.
विपक्ष को निशाने पर लेते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि – जहां आप जीतते हैं, उस वक्त तो आप नए कपड़े पहनकर शपथ ले लेते हैं, उस वक्त मतदाता सूची का विरोध नहीं करते थे, लेकिन जब बिहार की तरह मुंह की पटकनी पड़ती है तब मतदाता सूची गलत होती है. गृहमंत्री ने साफ कहा कि लोकतंत्र में दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे. (तस्वीर – अमित शाह फेसबुक पेज से साभार)