Bangladesh में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर भारत ने चिंता जताते हुए उसे कड़ शब्दों में नसीहत दी है. भारत ने कहा है कि – इन घटनाओं को छिपाया नहीं जा सकता. इन्हें राजनीतिक हिंसा कहकर खारिज नहीं किया जा सकता है. कानून-व्यवस्था बनाए रखना Bangladesh की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है. भारत ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
भारत ने कहा कि – जब भी Bangladesh में अल्पसंख्यकों की हत्या होती है तो वहां की अंतरिम सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदारी नहीं लेकर मामले को भारतीय मीडिया की तरफ से बढ़ा-चढ़ाकर बताने की कोशिश करती है. उधर अमेरिकी कांग्रेस और ब्रिटिश संसद में भी बांग्लादेश में हो रही हिंसा पर चिंता जताई गई है.
बता दें कि पिछले दिनों Bangladesh में शेख हसीना सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल प्रमुख छात्र नेता हादी की हत्या के बाद वहां भारत विरोधी भावना चरम पर है. इसके बाद वहां हफ्ते भर के अंदर हिंसक भीड़ द्वारा दो हिंदू युवकों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई. 18 दिसंबर को ढाका के पास एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को पहले भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला फिर उसकी लाश को बीच चौराहे पर टांग कर आग लगा दी गई.
इसी तरह 25 दिसंबर को राजबाड़ी के होसेनडांगा गांव में, जहां 29 साल के युवक अमृत मंडल (सम्राट) को भीड़ ने पीट-पीट कर उसकी जान ले ली. आरोपियों ने उस पर जबरन वसूली करने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया. इसके बाद उस पर एक साथ टूट पड़े और उसे तब तक मारा जब तक उसकी जान चली नहीं गई.