कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने बिहार की यात्रा के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया. इसके बाद उन्होंने इस पर कविता भी लिखी. जिसे उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट किया है.
नालंदा, गजब इतिहास है अपना
गजब बीता जमाना था, सारी दुनिया के लोगों का
यहां तब आना जाना था, कवि, शायर और दर्शन के,
बड़े विद्वान आते थे, बौद्ध अनुयायी भी आकर, यहां शांति सिखाते थे
शतक कुछ आठ तक शायद, ज्ञान का दरिया बहता था
सारी दुनिया से आकर, यहां शांति सिखाते थे
शतक कुछ आठ तक शायद
ज्ञान का दरिया बहता था, सारी दुनिया से आकर के
यहां ज्ञानर्थी रहता है, हमें वो दौर गुजरा फिर, यहीं पर वापिस लाना है
हम गिरकर उठ भी सकते हैं, हमें सबको दिखाना है.
जलाने से किताबें चंद, कभी इतिहास नहीं मरता.
जो मरते होंगे, वो हैं आम हिंद! सा खास नहीं मरता
अपनी बिहार यात्रा के दौरान उन्होंने नालंदा विश्वविद्याल की तारीफ में कहा कि – बिहार को लेकर उनकी जो पुरानी धारणाएं थीं, वे अब पूरी तरह बदल चुकी है. उनकी इस तारीफ पर कहा जाने लगा कि उन्होंने एनडीएम सरकार की तारीफ की है. इसके बाद Shashi Tharoor ने इस पर अपनी सफाई में कहा कि – मैंने न तो भारतीय जनता पार्टी का जिक्र किया और न ही किसी मुख्यमंत्री या फिर किसी नेता का नाम लिया. मैंने नालंदा विश्वविद्यालय और दो म्यूजियम की तारीफ की थी. ऐसी आम बातों पर राजनीतिक विवाद क्यों खड़ा करना चाहिए. जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं हैं. (तस्वीर – Shashi Tharoor फेसबुक पेज से साभार)