भारत और Bangladesh के बीच टेंशन और भी बढ़ती जा रही है. शेख हसीना सरकार के तख्ता पलट के बाद से वहां लगातार हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं. इन हमलों को रोकने की बजाए वहां की अंतरिम सरकार बेतुके फैसले ले रही है. इन सबसे ऐसा साफ नजर आ रहा है कि हिंदुओं पर हो रहे हमले के पीछे वहां की अंतरिम सरकार की सहमति या फिर रजामंदी है.
Bangladesh के एक ताजा फैसले में वहां पर एक हिंदू नेता को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया. गोविंद चंद्र प्रामाणिक नाम के Hindu नेता ने गोपालगंज 3 सीट से पर्चा दाखिल किया था, लेकिन उनका नामांकन वापस कर दिया गया. नामांकन के दौरान रिटर्निंग अफसर ने एक प्रतिशत मतादाताओं के हस्ताक्षर को अमान्य घोषित कर दिया.
प्रामाणिक ने आरोप लगाया है कि यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया और अब वो इसके खिलाफ अपील करेंगे. उन्होंने भारतीय मीडिया से बातचीत में कहा कि बीएनपी के इशारे पर हस्ताक्षर करने वाले लोग मुकर गए.