Bangladesh में हिंदुओं पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. इस बार तो इंसानियत शर्मशार नहीं हुई, उसे तो दफना दिया गया. दरअसल Bangladesh के झेनाइदह जिले के कालीगंज इलाके में एक Hindu विधवा महिला से गैंगरेप की घटना हुई है. आरोपियों ने उस महिला के रिश्तेदारों को एक कमरे में बंद कर दिया और महिला से गैंगरेप किया. इसके बाद आरोपियों ने उस महिला को पेड़ से बांध दिया और उस पर झूठा आरोप लगाते हुए उसके बाल काट दिए और इस घटना का वीडियो भी बना लिया. हालांकि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
अभी एक दिन पहले 4 जनवरी को ही कुछ वहशी लोगों की भीड़ एक हिंदू भिखारी पर टूट पड़ी. इन लोगों ने इस पर चोरी का आरोप लगाकर पहले खंभे से बांधा फिर इसकी बुरी तरह पिटाई कर दी. फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
इससे पहले 2 जनवरी को, एक हिंदू व्यापारी पर भीड़ ने बेरहमी से पीट दिया और उस पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी. घटना शरीयतपुर की है. पीड़ित खोकन चंद ने मुश्किल में तालाब में कूद कर अपनी जान बचाई.
30 दिसंबर को मैमलसिंह जिले में एक कपड़ा फैक्ट्री के अंदर हिंदू कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक बजेंद्र सिंह बिस्वास 42 साल का था. जो फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड था. हालांकि आरोपी नोमान मिया को गिरफ्तार कर लिया गया है. जिसने बातचीत के दौरान पीड़ित पर गन तान दी. कहा जा रहा है कि गोली गलती से चल गई और बजेंद्र सिंह बिस्वास की मौत हो गई.
इससे पहले 25 दिसंबर को राजबाड़ी के होसेनडांगा गांव में 29 साल के युवक अमृत मंडल (सम्राट) को भीड़ ने पीट-पीट कर उसकी जान ले ली. आरोपियों ने उस पर जबरन वसूली करने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया. इसके बाद उस पर एक साथ टूट पड़े और उसे तब तक मारा जब तक उसकी जान चली नहीं गई.
इससे पहले 18 दिसंबर को ढाका के पास दीपू दास को भीड़ ने पहले हत्या की और उसके बाद उसे पेड़ पर लटकाकर जला डाला. भीड़ ने दीपू दास पर ईशनिंद का झूठा आरोप लगाया था. जबकि पुलिस के मुताबिक जांच में दीपू दास के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले थे. बता दें कि Bangladesh में भारत विरोधी नेता हादी की हत्या के बाद से हिंदुओं पर हमले और भी बढ़ गए हैं.