प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में जनसभा को संबोधित करने से पहले सोमनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की. यहां उन्होंने शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक भी किया. प्रधानमंत्री मोदी खुद को शिवभक्त बताते हैं. पिछले दिनों असम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि – जब हमने भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया था, तब कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा था कि मोदी, नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहा है. वो मुझे कितनी ही गालियां दें, मैं भगवान शिव का भक्त हूं, सारा जहर निगल लेता हूं. लेकिन जब किसी का अपमान होता है, तो मुझसे रहा नहीं जाता.
तमिलनाडु में महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि – एक प्रकार से ये राज राजा की श्रद्धा भूमि है और आज इलैयाराजा ने जिस तरह हम सभी को शिवभक्ति में डुबो दिया, क्या अद्भुत वातावरण था. मैं काशी का सांसद हूं, जब मैं ऊं नम: शिवाय सुनता हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं.
ऐसा कहा जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिव को केवल आराध्य ही नहीं, बल्कि भारत की चेतना, तप और परिवर्तन का स्रोत मानते हैं. कठिन हालात में भी उनका आत्मविश्वास, संयम और कर्मयोग शिवतत्व से प्रेरित प्रतीत होता है. याद कीजिए लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से पहले पीएम मोदी ने केदारनाथ गुफा में खास शिव आराधना की थी.
इस आराधना के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जब पूछा गया कि आपने क्या कामना की. तो इस सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि – मैं जब भगवान की चरणों में आता हूं तो कभी कुछ मांगता नहीं हूं. मैं कभी कुछ मांगता नहीं हूं और मांगने की प्रवृत्ति से मैं सहमत भी नहीं हूं क्योंकि उसने आपको मांगने नहीं, देने योग्य बनाया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि – इस धरती से मेरा एक विशेष नाता रहा है, मैं गुफा में रहने एकांत के लिए चला गया था. उस गुफा से 24 घंटे बाबा दर्शन किए जा सकते हैं. (तस्वीर साभार – नरेंद्र मोदी फेसबुक पेज से साभार)