राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि धर्म पूरे ब्रह्मांड का चालक है. चाहे वह नरेंद्र भाई हो या मैं आप या कोई और एक ही शक्ति है जो हम सभी को चलती है. अगर गाड़ी इस शक्ति से चलाई जाती है तो कभी कोई दुर्घटना नहीं होगी. यह वह चालक धर्म है उन्होंने कहा कि जब सृष्टि अस्तित्व में आई तो उसे कामकाज को कंट्रोल करने के नियम धर्म बन गए. सब कुछ इस सिद्धांत पर चलता है. भारत को अपने संतों और ऋषियों से मार्गदर्शन मिलता रहा है. जब तक ऐसा धर्म भारत को चलाएगा वह विश्व गुरु बना रहेगा.
मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ना किसी से प्रतिस्पर्धा करता है और ना ही किसी प्रतिक्रिया से बना संगठन है. संघ खुद बड़ा नहीं बनना चाहता बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ना चाहता है जो आरएसएस को समझना चाहते हैं उन्हें इसकी शाखों में आना चाहिए. उन्होंने कहा कि आरएसएस का लक्ष्य समाज के साथ मिलकर भारत को उसके सर्वोच्च गौरव तक ले जाना है. हम व्यक्ति के चरित्र निर्माण के जरिए राष्ट्र निर्माण करते हैं. (तस्वीर साभार – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ–आरएसएस फेसबुक पेज से साभार)