21 जून 2022 को BJP प्रवक्ता के बयान के समर्थन में व्हाट्सएप ग्रुप पर एक पोस्ट करने वाले वेटरनरी के दुकानदार उमेश कोल्हे की हत्या के आरोपी युसूफ खान को मुंबई हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा के प्रथम दृष्टिया मामला गंभीर और जघन्य अपराध का है और आम जनता में आतंक फैलाने के लिए गिरोह बनाने का है. बता दें कि 21 जून 2022 को उमेश कोल्हे की उस वक्त हत्या कर दी गई जब वह अपने काम से लौट रहे थे.
दरअसल उन्होंने कुछ दिन पहले ही बीजेपी प्रवक्ता के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था. इस व्हाट्सएप ग्रुप में वेटरनिटी डॉक्टर युसूफ खान भी था जो रेगुलर उनकी दुकान से दवा खरीदता था वह उमेश कोल्हे के इस पोस्ट से नाराज हो गया उसने बदला लेने के लिए मैसेज का स्क्रीनशॉट लिया और उस पर भड़काऊ मैसेज लिखा. इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई.
इसी आधार पर कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री पर विचार करते हुए प्रथम दृष्टि से प्रतीत होता है कि मृतक द्वारा उसके धर्म के कथित अपमान का बदला लेने के लिए उसकी बेरहमी से हत्या करके आम जनता के दिलों और दिमाग में आतंक फैलाने के मकसद से आरोपियों द्वारा एक आरोपी के नेतृत्व में एक आतंकी गिरोह का गठन किया गया था चाहे वह प्रवक्ता की टिप्पणी का समर्थन करते हों या नहीं.