तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पश्चिम बंगाल के एमएलए हुमायूं कबीर का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी ने मुझे यूसुफ पठान की चुनावी जीत को पक्का करने के लिए हिंदू समाज के खिलाफ भड़काऊ बातें करने को कहा था. उनके आदेश को पूरा करने के लिए मैं 1 मई 2024 को शाम 7:00 बजे हिंदू समाज के खिलाफ भड़काऊ बातें कही. फिर मैंने 30 अप्रैल 2024 को भी ऐसा ही एक और भाषण दिया. भीड़ में मौजूद लाखों लोगों के सामने अपने हिंदू भाइयों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगना चाहता हूं.
बता दें कि बाबरी मस्जिद को लेकर हुमायूं कबीर के एक बयान के बाद ममता बनर्जी को उन्हें पार्टी से निकालना पड़ा. दरअसल हुमायूं कबीर अपने भड़काऊ बयान में कहा था कि छह दिसंबर को 12 बजे बाबरी मस्जिद का शिलान्यास मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में होगा. मुसलमानों का सेंटिमेंट टूटा है, कुछ तो करना पड़ेगा. साल 1992 में जिन्होंने बाबरी मस्जिद तोड़ी, उनमें हिम्मत है तो मुर्शिदाबाद में आकर गिरा दें.
हुमायूं कबीर के इस बयान के बाद विवाद बढ़ा तो तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया . भारतीय जनता पार्टी ने हुमायूं कबीर के इस बयान पर आपत्ति जताई. बीजेपी ने कहा कि – कोई भी अपनी जमीन पर मस्जिद बना सकता है. लेकिन बाबर के नाम पर इस देश में मस्जिद नहीं बनेगी. अगर बनी तो अयोध्या जैसा हाल होगा.
बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर धर्म विशेष के लोगों को साधने के मकसद से Hindu विरोधी फैसले लेने का आरोप लगता रहा है. उनकी सरकार पर Hindu विरोधी सरकार होने का आरोप भी लगता है. हालांकि ममता बनर्जी अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के आरोपों को खारिज करती रही हैं. (फोटो क्रेडिट – ममता बनर्जी के फेसबुक पेज से साभार )