राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने कहा कि – आरएसएस किसी सत्ता या शक्ति का भूखा नहीं है और ना ही किसी के खिलाफ है. बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास और क्षेत्र निर्माण के लिए समर्पित है, जिसका मकसद समाज को एकजुट करना है. Mumbai में Nehru Centre में संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित 100 वर्ष की संघ यात्रा- नए क्षितिज व्याख्यानमाला में Mohan Bhagwat ने कहा कि संघ की तुलना दुनिया के किसी अन्य संगठन से नहीं की जा सकती जैसे आकाश की तुलना केवल आकाश से और समुद्र की समुद्र से की जा सकती है. वैसे ही संघ भी अपनी तरह का अनूठा संगठन है.
Mohan Bhagwat ने कहा कि संघ को दूर से ही सतही ही रूप में नहीं समझा जा सकता. इसे जानने के लिए इसका हिस्सा बनना और इसका अनुभव लेना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि Hindu शब्द को किसी संकीर्ण दायरे में नहीं देखा जाना चाहिए. यह एक सभ्यतागत पहचान है और देश में रहने वाले सभी लोग इसी व्यापक सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है. (तस्वीर – राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ -आरएसएस फेसबुक पेज से साभार)