पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने अमेरिका से संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में कहा कि अमेरिका ने अपने फायदे के लिए Pakistan का इस्तेमाल किया और अपना काम निकालने के बाद उसे toilet paper की तरह फेक दिया. उन्होंने कहा कि हमने अफगानिस्तान में दो जंग लड़ी. हमने इसमें इस्लाम और मजहब के नाम पर हिस्सा लिया लेकिन असल में दो सैन्य तानाशाह ने वैश्विक ताकत का समर्थन पाने के लिए ऐसा किया.
आसिफ ने कहा कि 11 सितंबर 2001 के हमले के बाद अमेरिका के साथ खड़े होने की कीमत Pakistan आज भी चुका रहा है. 1979 में सोवियत संघ के हस्तक्षेप के दौरान अमेरिका ने अपनी तरह से नॉरेटिव तैयार किया. इस दौरान Pakistan ने तालिबान के खिलाफ अमेरिका का साथ दिया. बाद में अमेरिका तो अफगानिस्तान से निकल गया लेकिन Pakistan को लंबे समय तक हिंसा, कट्टरपंथ और आर्थिक दबाव झेलना पड़ा. हमने इसकी भारी कीमत चुकाई.
उन्होंने कहा कि Pakistan इतिहास से सबक नहीं सीखा और अपने छोटे फायदे के लिए कभी अमेरिका, कभी रूस, कभी ब्रिटेन की ओर झुकता रहा. अब इन देशों का यहां पहले से ज्यादा प्रभाव है. जो 30 40 साल पहले नहीं था. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि Pakistan का आतंकी इतिहास रहा है. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की दो जगों में शामिल होना Pakistan की बड़ी भूल थी. आज Pakistan में जो आतंकवाद है वह पिछली गलतियों का परिणाम है.