Pakistan के वरिष्ठ पत्रकार मोइन पीरजादा ने पाकिस्तान की पोल खोल दी है. जिस बात को Pakistan कभी स्वीकार नहीं करता था. उसे मोइन पीरजादा ने खुलकर स्वीकार किया है. उन्होंने अपनी एक पोस्ट में लिखा है कि- साल 1971 की जंग के बाद से ही Pakistan भारत की पीठ में छुरा घोपते आया है. उन्होंने लिखा की 1971 की जंग के सरेंडर के बाद Pakistan और भारत के बीच सहमति बनी थी कि हम सभी मुद्दे आपसी बातचीत से हल करेंगे, लेकिन Pakistan ने कश्मीर के मसले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाकर समझौते को तोड़ दिया.
उन्होंने आगे लिखा कि जब हमने सरेंडर किया तो भारत के साथ डील हुई कि दोनों देश मिलकर आपसी मुद्दे सुलझाएंगे लेकिन Pakistan ने फिर कश्मीर का मसला उठा दिया. इसी तरह 1971 में संरेंडर के बाद भारत ने 90 हजार पाकिस्तानी युद्ध बंदियों को सम्मानजनक तरीके से छोड़ दिया. लेकिन Pakistan ने फिर भारत के साथ धोखा किया और कश्मीर का मसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा दिया.