ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले के बाद नए वैश्विक समीकरण उभरते हुए दिखाई दे रहे हैं. एक तरफ सऊदी अरब ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में है, वहीं सऊदी अरब अब चाहता है कि पाकिस्तान भी ईरान पर हमला करें. इस बात को लेकर सऊदी अरब पाकिस्तान पर दबाव बना रहा है. जिससे कि पाकिस्तान, ईरान के खिलाफ खड़ा हो. इसके लिए सऊदी अरब में 2025 के रक्षा समझौता की याद पाकिस्तान को दिलाई है वह चाहता है कि पाकिस्तान भी इस मामले में एक्टिव भूमिका निभाते नजर आए.
जानकार मानते हैं कि अगर पाकिस्तान ईरान के खिलाफ मैदान में उतरता है तो ईरान की पूर्वी सीमा पर एक दूसरा मोर्चा खुल सकता है. लेकिन ऐसा करने पर पाकिस्तान खुद संकट में फंस सकता है क्योंकि पाकिस्तान में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ लगातार धरना प्रदर्शन हो रहे हैं.
अभी पिछले दिनों पाकिस्तान सेना के प्रमुख आसिम मुनीर के एक बयान के बाद नया विवाद छोड़ गया है जिसमें उन्होंने शिया धर्म गुरुओं को धमकी देते हुए कहा है कि जो लोग ईरान से इतना प्यार करते हैं वो वहां चले जाएं. उनके इस बयान को शिया समुदाय के नेताओं ने अपमानजनक और भड़काऊ बताया है. रावलपिंडी में शिया समुदाय की एक इफ्तार पार्टी में आसिम मुनीर ने ये बात कही. उन्होंने कहा कि वो किसी को भी किसी दूसरे देश के लिए अपनी वफादारी की वजह से पाकिस्तान में तनाव फैलाने की इजाजत नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी .
बता दें की आसिम मुनीर ने ये बातें शिया धर्म गुरुओं के सामने कहीं. उन्होंने कहा कि मुझे बताया जाता है कि अगर आपको ईरान से इतनी मोहब्बत है तो आप ईरान क्यों नहीं चले जाते मैं आपको बता दूं कि जिन्ना एक शिया थे. आसिम मुनीर के इस बयान के बाद शिया समुदाय के लोगों ने कहा कि यह उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाने जैसा है उनका मानना है कि यह बयान उनकी धार्मिक भावनाओं और पहचान को गलत तरीके से पेश करता है.
बता दें पाकिस्तान में 15 फ़ीसदी शिया समुदाय की आबादी है. अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद कराची में 1 मार्च को विरोध प्रदर्शन हुए थे, इस दौरान आगजनी की घटनाएं भी हुई थी. पुलिस को इसे रोकने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा था. ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान, ईरान से खार खाए सऊदी अरब से अपनी नजदीकी बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहा है. क्योंकि सऊदी अरब, ईरान के खिलाफ अमेरिका औऱ इजरायल के हमलों का समर्थन कर रहा है.