बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद से शुरू हुए हिंदुओं पर अत्याचार लगातार अभी तक जारी है. इस ज्यादती खिलाफ भारत में आवाज बुलंद की जा रही है. इसी क्रम में दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया और बांग्लादेश के कट्टरपंथियों का पुतला भी फूंका. ABVP ने बाग्लादेशी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की.
ABVP की JNU इकाई का कहना है कि – शेख हसीना के इस्तीफे और अंतरिम सरकार के गठन के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ संगठित हिंसा का दौर शुरू हुआ. हम बांग्लादेश में हो रही हिंदुओं के खिलाफ संगठित हिंसा की निंदा करते हैं. बांग्लादेश सरकार हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. पिछले दिनों पूरे बांग्लादेश में हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया. वहां की अंतरिम सरकार इस्लामिक कट्टरपंथियों को सजा देने की बजाए, शांति से विरोध कर रहे हिंदुओं पर अत्याचार कर रही है.
देश से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता. देश तब सशक्त रहेगा, जब हम एक रहेंगे, नेक रहेंगे. यहां बांग्लादेश वाली गलतियां नहीं होनी चाहिए. रामनवमी और गणपति की शोभायात्रा पर पथराव और अत्याचार वहीं होते हैं, जहां हम बंटे होते हैं. अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे स्थानों पर भी हमें अपमान झेलना पड़ा. लोकसभा चुनाव के दौरान अमरावती में तांडव भी इसलिए हो रहा था. यह देश इसलिए बंटा था. क्योंकि आप बंटे थे. हिंदू बंटे थे तो काटे जा रहे थे. हम बंटे तो पत्थरबाज फिर से रामनवमी और गणपति शोभायात्रा पर पथराव करेंगे – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं को बिना किसी वजह हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है. इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी हमारे देश की है. भारत सुनिश्चित करे कि उन्हें किसी भी अन्याय और अत्याचार का सामना न करना पड़े. दुनिया में हमेशा ऐसे लोग होते हैं जो दूसरे देशों पर हावी होना चाहते हैं. हमें सतर्क और सावधान रहना होगा और उनसे खुद को बचाना होगा – संघ प्रमुख मोहन भागवत
जिस तरह पूरे विश्व में इस्लामिक कट्टरवाद बढ़ रहा है और अब हमारे पड़ोस में भी उसने अपनी मौजूदगी जता दी है, यह हमारे देश के लिए काफी खतरनाक हो सकता है. ऐसे में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले को लेकर हम सभी को एकजुट होना होगा. अगर हम बांग्लादेश बना सकते हैं तो हमारे हिंदू भाइयों की रक्षा के लिए हम वहां दखल भी दे सकते हैं- स्वामी रामदेव, योगगुरू