एक्ट्रेस Jacqueline Fernandez ने कहा ने हमें सनातन धर्म बहुत पसंद है इसलिए हम अपनी मां की अस्थियां लेकर काशी आए हैं. Jacqueline Fernandez काशी अपने पिता के साथ आई थीं. यहां उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ गंगा जी में अपनी मां की अस्थियों का विसर्जन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि काशी में गंगा के पवित्र जल में अस्थि विसर्जन करना हमारी मां को श्रद्धांजलि देने का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक निर्णय है. मां की अस्थि विसर्जन के दौरान उन्होंने गंगा घाट पर आम लोगों की तरह पूजा अर्चना भी की.
जैकलीन फर्नांडीज़ का काशी आकर अपनी मां की अस्थियों का गंगा में विसर्जन करना केवल एक व्यक्तिगत श्रद्धा का विषय नहीं है, बल्कि यह उस बढ़ती प्रवृत्ति का भी संकेत है जिसमें दुनिया भर के लोग सनातन धर्म और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में योग, ध्यान, वेदांत और गंगा-घाटों की आध्यात्मिक संस्कृति ने विदेशियों को गहराई से प्रभावित किया है।
सनातन धर्म की सबसे बड़ी विशेषता उसकी व्यापकता और सहिष्णुता मानी जाती है। यहां किसी एक मत या कठोर नियम का बंधन नहीं है, बल्कि जीवन, प्रकृति और आत्मा के बीच संतुलन की बात की जाती है। यही कारण है कि कई विदेशी इसे केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक आध्यात्मिक पद्धति के रूप में देखते हैं।
काशी, ऋषिकेश, हरिद्वार और वृंदावन जैसे शहर लंबे समय से विदेशी श्रद्धालुओं और साधकों को आकर्षित करते रहे हैं। गंगा के तट पर होने वाली आरती, ध्यान और वैदिक परंपराएं उन्हें एक अलग आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती हैं। बहुत से विदेशी योग और ध्यान के माध्यम से भारतीय दर्शन से जुड़ते हैं और धीरे-धीरे सनातन परंपराओं के प्रति उनकी आस्था भी बढ़ती जाती है।
दरअसल, आधुनिक जीवन की भागदौड़ और मानसिक तनाव के बीच लोग शांति और आत्मिक संतुलन की तलाश में रहते हैं। सनातन धर्म में प्रकृति, कर्म, आत्मा और पुनर्जन्म जैसे सिद्धांत जीवन को गहराई से समझने का दृष्टिकोण देते हैं। यही वजह है कि आज दुनिया के कई हिस्सों में लोग भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं और काशी जैसे तीर्थ स्थल उनके लिए आस्था और अनुभव का महत्वपूर्ण केंद्र बनते जा रहे हैं।