पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के खिलाफ उनके ही देश में वारंट जारी हुआ है. यह वारंट Balochistan की निर्वासित सरकार (Balochistan गणराज्य) ने जारी किया. Shehbaz Sharif पर वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है.
बलूच नेता ने मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि Balochistan गणराज्य में Balochistan के वीजा नियमों के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के खिलाफ गिरफ्तारी वारंटी जारी किया गया है. उन्होंने Balochistan की संप्रभुता के गंभीर और जानबूझकर किए गए उल्लंघनों, जैसे वीजा के बिना गैर कानूनी प्रवेश शामिल है. इसके लिए वो Balochistan राज्य द्वारा गिरफ्तारी के हकदार हैं. ऐसी गिरफ्तारी Balochistan के कानून और संप्रभु अधिकारों के अनुसार Balochistan के भीतर किसी भी हवाई अड्डे पर या एग्जिट प्वाइंट पर पहुंचने पर की जा सकती है.
Balochistan में अलगाव की भावना की जड़ें पाकिस्तान की स्थापना (1947) से पहले तक जाती हैं। ब्रिटिश काल में बलूच क्षेत्र कई रियासतों में बँटा हुआ था, जिनमें खानत-ए-कलात प्रमुख थी। 1947 में कलात ने स्वयं को स्वतंत्र घोषित किया, लेकिन 1948 में पाकिस्तान ने इसे अपने में मिला लिया, जिसे कई बलूच नेताओं ने जबरन विलय माना। इसके बाद 1948, 1958, 1962, 1973 और 2000 के बाद कई बार बलूच विद्रोह हुए। बलूच नेताओं का आरोप रहा है कि प्राकृतिक संसाधनों (गैस, खनिज) से भरपूर होने के बावजूद उन्हें राजनीतिक अधिकार, आर्थिक विकास और स्वायत्तता नहीं मिली, जबकि केंद्र सरकार संसाधनों का लाभ उठाती रही। दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार इसे राष्ट्रीय एकता का मुद्दा मानती है और विद्रोह को सुरक्षा समस्या बताती है। यही ऐतिहासिक असंतोष और बार-बार के सैन्य अभियानों ने Balochistan में पाकिस्तान से अलग होने की मांग को समय-समय पर तेज किया है।