दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में गिर गई है. यहां 5 जनवरी को कैंपस में हुए हमले की छठी बरसी के मौके पर छात्रों ने प्रोटेस्ट आयोजित किया. इस दौरान साबरमती हॉस्टल के बाहर कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाए. इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है. अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली गई है. दिल्ली पुलिस ने फिर में भड़काऊ बयान देने पर धारा 352 और सार्वजनिक शांति भंग करने पर धारा 353 लगाई है.
शिकायत में जिन प्रमुख छात्रों के नाम बताए गए हैं उनमें अदिति मिश्रा, गोपिका बाबू, सुनील यादव, दानिश अली, साद आज़मी, महबूब इलाही, कनिष्क, पाकीजा खान शुभम शामिल हैं.
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस घटना की जांच के लिए दिल्ली पुलिस से सहयोग की अपील की थी और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. इस घटना को लेकर जेएनयू प्रशासन के बयान में कहा गया है कि शुरुआत में यह जमावड़ा केवल 5 जनवरी 2020 की घटना की बरसी मनाने तक सीमित था, लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत यशिकाओं पर आए फैसले के बाद कार्यक्रम का लहजा अचानक बदल गया. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कृत्य न केवल लोकतांत्रिक अस्तित्व की सीमाओं से परे है, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के प्रति खुला अनदर भी है.