Maha Kumbh Prayagraj : साल 2017 के पहले कुंभ का आयोजन गंदगी का पर्याय बनता था और अव्यवस्था थी. साल 2013 के महाकुंभ में क्या हालात थे. मॉरिशस के प्रधानमंत्री स्नान करने आए थे और अव्यवस्था गंदगी देख आंखों से आंसू बहाकर दुखी मन से कहा था कि क्या यही गंगा है. मॉरीशस के प्रधानमंत्री का यह किस्सा शेयर करते हुए ये बातें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहीं. उन्होंने कहा कि मॉरिशस के लोगों ने गंगा तालाब के जरिए गंगा की स्मृति संजोकर रखी है. हमने मॉरिशस के प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे के दौरान उनसे संगम में डुबकी लगाने का आग्रह किया था. हमारा आग्रह स्वीकार करते हुए वो प्रयागराज पहुंचे और कई लोगों के साथ संगम में डुबकी भी लगाई.
प्रयागराज में धर्म संसद में महाकुंभ के आयोजन की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बीजेपी की डबल इंजन सरकार इस आयोजन को भव्य और दिव्य तरीके से संपन्न कराने की की तैयारी कर रही है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आबादी अगले 45 दिनों में प्रयागराज की त्रिवेणी में डुबकी लगाएगी. मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि 2017 से पहले कुंभ को नई ऊंचाई देने से किसने रोका था.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों के साथ ही दक्षिण भारत के राज्यों से भी संतों का आगमन नहीं हो पाता था. महाकुंभ में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की तस्वीर देखने को मिलेगी. हर जगह से संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी यहां होने जा रही है. (तस्वीर साभार- माय योगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज से साभार)