उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म निर्माताओं को सलाह दी है कि वह लुटेरों को हीरो के रूप में पेश न करें. उन्होंने कहा कि मैं फिल्म निर्देशक और निर्माताओं से आग्रह करता हूं कि वह ऐसी फिल्में बनाएं जो मौजूदा पीढ़ी को प्रेरित कर सके. अगर आप किसी डाकू को नायक के रूप में पेश करते हैं तो युवा उस डाकू को ही अपना आदर्श मानने लगेंगे. याद रखें कभी भी किसी डाकू को हीरो के रूप में ना दिखाएं.
वाराणसी में चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित एक भव्य नाटक प्रस्तुति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक वक्त था जब नेक किरदारों को खलनायक रूप में दिखाया जाता था और खलनायकों को फिल्म के जरिए नायक के रूप में पेश किया जाता था. इसका परिणाम क्या हुआ, पीढ़ियां बिगड़ गई. लोग अन्याय, उत्पीड़न और शोषण के खिलाफ अपनी आवाज खो रहे हैं क्योंकि युवा पीढ़ी के सामने ऐसे आदर्श पेश नहीं किया जा रहे थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने ऐतिहासिक रूप से सकारात्मक भूमिका निभाई है जब उसने देश के आदर्शों को दर्शाया है. (तस्वीर साभार – एमयोगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज से साभार)