कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के ताजा बयान के बाद एक बार फिर सनातनियों के प्रति कांग्रेस की सोच पर सवाल उठने लगे हैं. सिद्धारमैया ने कहा है कि – लोगों को सनातनियों की संगत से बचना चाहिए और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से सावधान रहना चाहिए. क्योंकि उन्होंने इतिहास में हमेशा डॉ भीमराव अंबेडकर और उनके बनाए संविधान का विरोध किया है. उन्होंने आगे कहा कि अपनी संगति सही रखिए. समाज के भले के लिए काम करने वालों के साथ रहिए, न कि उन सनातनियों के साथ जो सामाजिक बदलाव का विरोध करते हैं.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने की कोशिश की घटना दिखाती है कि सनातनी और कट्टरपंथी सोच आज भी समाज में मौजूद है. इस घटना की सिर्फ दलितों को नहीं बल्कि हर भारतीय को निंदा करनी चाहिए. तभी कहा जा सकता है कि समाज बदलाव के रास्ते पर है.
क्या हिंदू विरोधी है सिद्धरमैया की कांग्रेस सरकार?
कांग्रेस की सिद्धरमैया सरकार के पहले के फैसलों की वजह से उसे हिंदू विरोधी होने का आरोप लगता रहा है. पिछले साल बीजेपी ने आरोप लगाया था कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार वक्फ बोर्ड के जरिए प्रदेश में लैंड जिहाद कर रही है. गरीब हिंदुओं की जमीन पर कब्जे की कोशिश हो रही है. इस मसले पर विधानसभा में बीजेपी ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से स्पष्टीकरण मांगा था. उस वक्त विधानसभा में विपक्ष के नेता आर.अशोक ने कहा कि कर्नाटक में हिंदू असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. सरकार को जनता के सामने सही जानकारी और स्पष्टीकरण देकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सिद्धरमैया सरकार को बताना चाहिए कि विजयपुरा जिले में मंदिरों और धार्मिक स्थलों को कितने नोटिस जारी किए गए. आर. अशोक ने आगे कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की सियासत की वजह से हिंदुओं को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कर्नाटक में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं. हिंदू महिलाओं को लव जिहाद के जरिए निशाना बनाया जा रहा है. अब लैंड जिहाद भी शुरू हो गया है.
इससे पहले सिद्धारमैया सरकार ने मंदिरों पर 10 फीसदी का टैक्स लगाया. कांग्रेस सरकार कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती विधेयक 2024 विधानसभा में पास किया. जिसके मुताबिक सरकार एक करोड़ रुपए से ज्यादा आमदनी वाले मंदिरों से 10 प्रतिशत आय वसूल करेगी. वहीं जिन मंदिरों की कमाई 10 लाख से एक करोड़ के बीच है, उसे 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा. इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी और तमाम साधु-संतों ने कांग्रेस सरकार पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया. प्रदेश बीजेपी का कहना है कि सिद्धारमैया सरकार एंटी हिंदू नीतियों के जरिए सरकार का खजाना भरना चाहती है. यही नहीं पिछले साल सिद्धारमैया सरकार ने दिवाली और दूसरे त्यौहार के दौरान पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था. कांग्रेस सरकार को हिंदुओं से नफरत है?
बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस सरकार के फैसले से उसकी हिंदू धर्म के लिए उसकी नफरत नजर आती है. बीजेपी ने सिद्धारमैया सरकार पर सवाल उठाया है कि बाकी धर्मों के धार्मिक स्थलों को क्यों छोड़ दिया गया. बीजेपी का आरोप है कि मंदिर से मिलने वाले राजस्व को कांग्रेस अपने दूसरे मकसद पूरा करने में इस्तेमाल करेगी. (तस्वीर साभार – Chief Minister Of Karnatka फेसबुक पेज से साभार)