Bangladesh चुनाव में कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी की बुरी हार हुई है. इस चुनाव में जीती Bangladesh नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी की सरकार बनने जा रही है. जिसमें पार्टी के मुखिया तारीक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है. ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के हिंदू वोट बीएमपी के खाते में गए हैं. यही वजह है कि हिंदू बाहुल इलाकों में बीएमपी ने अच्छी जीत हासिल की.
Bangladesh चुनाव के इस नतीजे से यह भी साफ होता है कि बांग्लादेश के लोगों ने कट्टरपंथी जमात को खारिज कर दिया है. क्योंकि ये वही लोग थे जिन्होंने Bangladesh के मुक्ति संग्राम का विरोध किया था. हैरानी की बात है जिन लोगों ने शेख हसीना की सरकार गिराई थी वह भी इस चुनाव में बुरी तरीके से हारे हैं.नेशनल सिटीजन पार्टी यानी एनसीपी को सिर्फ 6 सीटों पर सफलता मिली जबकि Bangladesh नेशनल पार्टी के गठबंधन को 212 और जमात-ए-इस्लामी को सिर्फ 77 सीटें मिली हैं.
बता दें कि Bangladesh में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद वहां की अंतरिम सरकार ने कार्यभार संभाला लेकिन इसके बाद यहां अल्पसंख्यकों खास तौर से हिंदुओं के खिलाफ जमकर हिंसा हुई. कई हिंदुओं को बेरहमी से जान से मार दिया गया. इस दौरान भारत के साथ Bangladesh के संबंध काफी बिगड़ गए. लेकिन अब चुनाव नतीजों के आने के बाद संबंध सुधरने की उम्मीद की जा सकती है.