राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समाज को दो की बजाए 3 बच्चे पैदा करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत से नीचे नहीं होनी चाहिए. इसके लिए 2 की बजाए 3 बच्चे पैदा करें. यह संख्या इसलिए जरूरी है, जिससे समाज जिंदा रहे. नागपुर में कठाले कुल सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश की जनसंख्या नीति 1988-2002 में तय हुई थी. इसके मुताबिक अगर किसी समाज की जनसंख्या वृद्धि दर 2.1 से नीचे जाती है. इससे वह समाज अपने आप नष्ट हो जाएगा.
ऐसा पहली बार नही है जब संघ प्रमुख ने जनसंख्या को लेकर चिंता जताई हो. उन्होंने पहले भी कहा था कि आजादी के बाद जनसंख्या वृद्धि दर में भारी अंतर के कारण आबादी में जहां भारत में उत्पन्न मत पंथों के अनुयायियों का अनुपात 88 प्रतिशत से घटकर 83.8 प्रतिशत रह गया. जबकि मुस्लिम आबादी का अनुपात 9.8 प्रतिशत से बढ़कर 14.24 प्रतिशत हो गया. उन्होंने एक बार कहा था कि- एक व्यापक जनसंख्या नीति की जरूरत है जो सभी पर समान रूप से लागू होती है. हमें जनसंख्या असंतुलन पर नजर रखनी होगी. जब सभी पर समान रूप से एक नीति लागू होगी तो किसी को भी रियायतें नहीं मिलेंगी.