प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हाईलेवल मीटिंग में स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर सामने गोली चले तो उसका जवाब गोले से दिया जाए. इस बीच भारत ने कश्मीर के मसले पर किसी भी तरह की कोई भी मध्यस्थकता स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. भारत ने साफ कहा है कि बातचीत का एक मात्र रास्ता है कि पाकिस्तान पीओके को भारत को लौटाए या फिर आतंकियों को सौंपे. इसके अलावा किसी और मुद्दे पर चर्चा मुश्किल है.
बता दें कि भारत और पाकिस्तान द्वारा सीजफायर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर के मुद्दे पर मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा. उन्होंने इस मुद्दे को हजारों साल पुराना बताया. उनके इस प्रस्ताव का पाकिस्तान ने स्वागत किया लेकिन भारत ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया.