उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनकाउंटर पर कहा अगर अपराधी के पास गोली चलाने की आजादी है तो हमने भी पुलिस को पिस्तौल दी है, उन्हें ट्रेनिंग ही इस बात की दी गई है कि अपराधी जिस भाषा में समझे, उसे उसी भाषा में समझाने का काम करें. अगर कोई व्यक्ति गलत करेगा तो उसके लिए भी वही कानून होगा. जो माफिया या अपराधी के लिए है. बहुत बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी, अगर पुलिस गोली ना मारे तो क्या गोली खाए. दोनों काम एक साथ नहीं चल सकते.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साल 2012 से 2017 के बीच यूपी में 900 से ज्यादा दंगे हुए. ऐसा कोई शहर नहीं था जिसने कर्फ्यू का दौर ना देखा हो. ऐसा कोई व्यापारी नहीं था जिसने गुंडा टैक्स न दिया हो. अपराधी हावी था. ऐसे वक्त में मुझे दायित्व सौपा गया. हमने तय किया जीरो टोलरेंस.
लखनऊ में अप फॉर्मा कॉन्क्लेव 1.0 के उद्घाटन के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा 2017 से पहले कंपनियां पलायन कर रही थी. जब सुरक्षा नहीं होगी तो कारोबारी कैसे रख पाएंगे. पहले जो कंपनियां थी वह भी जाने लगी थी. यह सभी की पीड़ा थी. जहां बचपन बीता उस जमीन को छोड़ना बहुत कष्टदाई होता है. साल 2017 में पीएम मोदी ने मुझे जिम्मेदारी दी जब हमने देखा तो तय किया कि अपराध से कोई समझौता नहीं. जो व्यक्ति गलत करेगा उस पर कार्रवाई होगी. (तस्वीर साभार- एमयोगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज से साभार)