तमाम कोशिशों और जनजागरुकता के बाद भी पूरे देश में धर्मांतरण का घिनौना खेल बिना किसी खौफ के जारी है. ताजा मामला यूपी के मिर्जापुर का है, जहां पैसों का लालच देकर हिंदू समाज के लोगों को ईसाई बनाया जा रहा था. हैरानी की बात है कि ये खेल पिछले दो साल से चल रहा था. एक पादरी और उसके गैंग के लोगों ने ग्रामीण इलाके में इस दो साल के दौरान दो हजार लोगों का धर्मांतरण कराया था. मामला मिर्जापुर के खरहरा गांव (देहात कोतवाली क्षेत्र) का है.
मामले का खुलासा होने पर प्रशासन फौरन हरकत में आया. इसके बाद आरोपी पादरी समेत उसकी गैंग के दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है. पुलिस के मुताबिक आरोपी पादरी ग्रामीण इलाके के मासूम लोगों को पैसे का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने को कहता था. इसके बदले में उनके बच्चों की एजुकेशन, इलाज और बाकी खर्चों के लिए पैसे देने का लालच दिया जाता था.
भारत में हाल के वर्षों में पैसों, नौकरी, इलाज या अन्य सुविधाओं का लालच देकर धर्मपरिवर्तन कराने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. खासकर गरीब, आदिवासी और कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाया जाता है, जो आर्थिक मजबूरी के कारण ऐसे प्रलोभनों में फंस जाते हैं. इससे समाज में तनाव, अविश्वास और सांप्रदायिक विवाद बढ़ने की आशंका रहती है.
धर्म व्यक्ति की आस्था और विश्वास का विषय है, इसलिए किसी भी तरह का दबाव या लालच देकर कराया गया धर्मपरिवर्तन न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि सामाजिक एकता के लिए भी नुकसानदायक है. सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों पर सख्ती से नजर रखें और जरूरतमंद लोगों को सही सहायता मिले, ताकि कोई उनकी मजबूरी का फायदा न उठा सके.