Bangladesh में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर एक बार फिर भारत ने उसे खरी खोटी सुनाई है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि Bangladesh में हिंदुओं औऱ उनकी संपत्तियों (धार्मिक संस्थानों) की रक्षा करना वहां की अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है. भारत ने कहा कि हम बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंतित हैं, जो हिंसक चरमपंथियों की रिहाई से और भी बदतर हो गई है. हम स्थिर, शांतिपूर्ण, समावेशी Bangladesh का समर्थन करते हैं. जहां सभी मसलों का सामाधान लोकतांत्रिक तरीकों और समावेशी चुनावों के जरिए होता है.
बता दें कि Bangladesh में पिछले साल 5 अगस्त को शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में गठित अंतरिम सरकार के आने के बाद से लगातार हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और अत्याचार हो रहे हैं. हिंदुओं के साथ-साथ दूसरे अल्पसंख्यक भी इस हिंसा के शिकार हो रहे हैं. हिंदुओं और उनके मंदिरों, धार्मिक प्रतीकों को निशाना बनाया जा रहा है. इस हिंसा में कई हिंदुओं की जान जा चुकी है. हिंदुओं को नौकरियों से भी निकाला जा रहा है.