Pakistan में लश्कर लीडर सैफुल्ला सैफ ने भारत के खिलाफ Ghazwa-e-Hind. करने की धमकी दी है. उसने कहा कि इलाके में समीकरण बदल रहे हैं, अब बांग्लादेश भी Pakistan के साथ आ गया है. भारत के खिलाफ जिहाद करने का वक्त आ गया है. इसके लिए पाकिस्तानी सेना भी तैयार है. इस उसने भारत के खिलाफ बड़े हमले की धमकी दी है. इस पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.
Pakistan की जमीन से भारत के खिलाफ आतंकियों को ट्रेनिंग और उनको पालने पोषने का काम खुलेआम होता आया है. ऐसे में यहां आतंकी खुलेआम घूमते हैं. ये यहां सरेआम जनसभा करते हैं. जहां भारत और हिंदुओं के खिलाफ खूब जमकर जहर उगला जाता है. यही वजह है कि गजवा-ए-हिंद की बात अक्सर सुनाई दे जाती है.
क्या है ‘गजवा-ए-हिंद’?
भारतीय भू-भाग में इस्लाम फैलाने के लिए की जाने वाली जंग को ‘गजवा-ए-हिंद’ कहा जाता है. यह एक प्रकार का मिशन है जो मुस्लिम देशों द्वारा हिंदू बहुल भारत के लिए चलाया जा रहा है. मिशन के कर्ताधर्ताओं के शब्दों में कहें तो भारतीय उपमहाद्वीप में रहने वाले काफिरों को हराकर उन्हें मुस्लिम बनाने का मकसद ही ‘गजवा-ए-हिंद’ है. इस युद्ध में शामिल होने वाले सिपाहियों को गाजी कहा जाता है.
कट्टरपंथियों और आतंकवादियों के लिए ‘गजवा-ए-हिंद’ एक फसंदीदा फिलॉसफी रही है. आतंकी संगठन अलकायदा भी कई बार भारत के खिलाफ जहर उगलते वक्त ‘गजवा-ए-हिंद’ का जिक्र कर चुका है. पाकिस्तान में इस विचारधारा के काफी समर्थक हैं जो इसे भारत-पाकिस्तान युद्ध से जोड़ते हैं. जबकि कई इस्लामिक जानकारों को कहना है कि हदीस से जोड़कर इसकी गलत व्याख्या की जाती है. हालांकि इस बात पर मतभेद है कि ‘गजवा-ए-हिंद’ का विचार हसीद का हिस्सा है या नहीं.
दारुल उलूम देवबंद ने अपने एक फतवे में ‘गजवा-ए-हिंद’ (Ghazw-e-Hind) को मान्यता दी है. देश की सबसे बड़ी इस्लामिक संस्था दारुल उलूम देवबंद ने ‘गजवा-ए-हिंद’ को इस्लामिक नजरिए से सही माना है. ‘गजवा-ए-हिंद’ को मान्यता देने वाला यह फतवा दारुल उलूम देवबंद की बेवसाइट में पोस्ट किया गया था. जिसके बाद, इस फतवे पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) ने कार्रवाई का निर्देश दिया और इस फतवे को देश विरोधी बताया है.