महाराष्ट्र में हुए एक प्लेन क्रैश में डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया. यह हादसा बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ. इस हादसे में अजीत पवार के सुरक्षाकर्मी, दो पायलट, एक महिला ग्रुप मेंबर समेत पांच लोगों की जान गई. हादसे के वक्त अजीत पवार पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनाव के लिए रैली करने जा रहे थे. ऐसा बताया जा रहा है कि रनवे पर उतरने से पहले प्लेन लो विजिबिलिटी की वजह से हादसे का शिकार हो गया.
उनके निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के स्कूलों में गुरुवार को छुट्टी और 3 दिन के राजकीय शो की घोषणा की है. उनका अंतिम संस्कार बारामती में गुरुवार को किया जाएगा. अजीत पवार 66 साल के थे.
एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा कि विमान वहां कैसे पहुंचा या कैसे लैंड हुआ मुझे नहीं पता क्योंकि एयर स्ट्रिप जहां प्लेन लैंड करते हैं और टेक ऑफ करते हैं बहुत बड़ी होती है छोटी नहीं. इतना सब होने के बावजूद यह कैसे हो गया प्लेन में कोई गड़बड़ी थी या पायलट ने गलती की मैं कुछ नहीं कह सकता. इस मसले पर शरद पवार ने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा है. इसे राजनीतिक रंग न दिया जाए. अजीत की मृत्यु महाराष्ट्र के लिए एक बड़ा सदमा है जिसने एक मेहनती और कुशल नेता को खो दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि एनसीपी के नेता अजित पवार ने पश्चिमी राज्य और भारत के विकास में खासकर ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम योगदान दिया था.
भारतीय जनता पार्टी ने इस हादसे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा की गई टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है. बीजेपी ने कहा है कि जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता के शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए तब ममता बनर्जी घटिया राजनीति कर रही हैं. उन्होंने मानवता खो दी है.
बता दें कि ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की और आरोप लगाया कि अन्य सभी एजेंसियों की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो चुकी है. ऐसे में मौजूदा तंत्र के माध्यम से सच्चाई सामने नहीं आएगी केवल सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में ही की गई जांच को विश्वसनीय नहीं होगी. (तस्वीर साभार – अजित पवार फॉर महाराष्ट्र फेसबुक पेज से साभार)