प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि – आज के समय में धर्म की आड़ लेकर सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिश हो रही है. ऐसे कालनेमि से समाज को सतर्क रहने की जरूरत है. ये लोग बाहर से धार्मिक दिखते हैं. लेकिन धर्म विरोधी एजेंडे पर काम कर रहे होते हैं. योगी या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र सर्वोपरि होते हैं. उसकी कोई निजी संपत्ति नहीं होती.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि – जो व्यक्ति धर्म के खिलाफ आचरण करता है, चाहे वह किसी भी रूप में क्यों ना हो, उसे सनातन परंपरा का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता. धर्म केवल शब्दों या वेष में नहीं, बल्कि आचरण में दिखाई देना चाहिए. सनातन धर्म ने हमेशा सत्य, संयम और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा. (तस्वीर साभार- एमयोगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज से साभार)