बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट और नई अंतरिम सरकार के गठन के बाद से लगातार हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा अभी तक जारी है. इस बीच शेख हसीना ने बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस पर अल्पसंख्यकों की सामूहिक हत्या और उन्हें हिंसा बनाए जाने का जिम्मेदार बताया है.
शेख हसीना ने कहा है कि आज बांग्लादेश में टीचर्स, पुलिस, नेता सभी पर हमले किए जा रहे हैं. हिंदुओं, बौद्धों और इसाइयों को निशाना बनाया बनाया जा रहा है. इस बीच 11 चर्च और कई मंदिरों पर हमले किए गए हैं. इस्कॉन पर हमला हुआ. अब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है. शेख हसीना ने आरोप लगाया कि मेरे पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की तरह ही उनकी भी हत्या करने की योजना थी. मैंने बांग्लादेश छोड़ दिया क्योंकि मैं नरसंहार नहीं चाहती थी.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की रिपोर्ट में हिंदुओं पर हमले का जिक्र
बता दें कि 18 अगस्त को बांग्लादेश में हुई हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की रिपोर्ट के मुताबिक यहां हुई हिंसा में करीब 650 लोगों (बाद में मौत की संख्या में इजाफा हुआ है) की मौत हुई है. जिसमें प्रदर्शनकारी, पत्रकार और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. इस हिंसा में अब तक हजारों लोग घायल हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने अपनी दस पेज की रिपोर्ट में कहा है कि हिंसा की इन घटनाओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जानी चाहिए. रिपोर्ट में ये भी आशंका जताई गई है कि हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने रिपोर्ट में हिंदुओं (अल्पसंख्यकों पर) पर हमले का भी जिक्र किया है. रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में हिंसा के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ भी हिंसा (तोड़फोड़, लूटपाट, आगजनी) की घटनाएं हुई हैं. आवामी लीग के कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से हत्याएं हुईं. रिपोर्ट में हालात को जल्द सुधारने को कहा गया है. इससे पहले अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर हिंदुओं की सुरक्षा का आश्वासन दिया था. क्योंकि मोहम्मद यूनुस के शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए बांग्लादेश में हिंदुओं सहित सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी.