Hindus of Bangladesh : बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट और नई अंतरिम सरकार के गठन के बाद से लगातार हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा अभी तक जारी है. वहीं भारत के अलग-अलग शहरों में इस हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश के आगरा में मुस्लिम समाज की महिलाएं भी बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही ज्यादती के विरोध में सड़क पर उतर आईं. इन महिलाओं का कहना था कि बांग्लादेश में हिंदू भाइयों पर अत्याचार हम सभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. वहां की सरकार को हिंदुओं पर अत्याचार करने वालों पर एक्शन लेना चाहिए.
दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहम बुखारी ने कहा था कि एक भरोसेमंद पड़ोसी बांग्लादेश के करीबी सहयोगी और साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक के रूप में मैं बांग्लादेश के मौजूदा प्रमुख से हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ किसी भी नाइंसाफी को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की उम्मीद करता हूं. मुहम्मद यूनुस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी इंटरनेशनल प्रतिष्ठा बेदाग रहे.
इससे पहले जयपुर में संत समाज ने बड़ी संख्या में जुट कर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का जबरदस्त विरोध किया था. इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि आज बांग्लादेश में टीचर्स, पुलिस, नेता सभी पर हमले किए जा रहे हैं. हिंदुओं, बौद्धों और इसाइयों को निशाना बनाया बनाया जा रहा है. इस बीच 11 चर्च और कई मंदिरों पर हमले किए गए हैं. इस्कॉन पर हमला हुआ. अब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है. शेख हसीना ने आरोप लगाया कि मेरे पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की तरह ही उनकी भी हत्या करने की योजना थी. मैंने बांग्लादेश छोड़ दिया क्योंकि मैं नरसंहार नहीं चाहती थी.