उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि हर व्यक्ति Shankaracharya नहीं लिख सकता कोई भी कानून से ऊपर नहीं है मैं भी नहीं. हर व्यक्ति आचार्य के रूप में जाकर माहौल खराब नहीं कर सकता. मर्यादाओं का पालन सभी को करना होगा. अगर वह शंकराचार्य थे तो आप लोगों (समाजवादी पार्टी) ने Varanasi में लाठी चार्ज क्यों किया था, एफआईआर क्यों लिखी थी, आप कैसी नैतिकता की बात करते हैं. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत के हर व्यक्ति को कानून मानना चाहिए. अगर समाजवादी पार्टी के लोग उन्हें पूजना चाहते हैं तो पूजें.
Prayagraj के माघ मेला के दौरान अविमुक्तेश्वर विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माघ मेले में जो मुद्दा नहीं था. उसे जानबूझकर मुद्दा बनाया गया. क्या हर व्यक्ति मुख्यमंत्री बनकर पूरे प्रदेश में घूम जाएगा, क्या कोई मंत्री का बोर्ड लगाकर घूम जाएगा, क्या कोई समाजवादी पार्टी का अध्यक्ष बनकर प्रदेश में घूम जाएगा. नहीं एक सिस्टम है एक व्यवस्था है.
उन्होंने कहा कि भारत के Sanatan धर्म में भी यही व्यवस्था है. सनातन धर्म में Shankaracharya का पद सर्वोच्च और पवित्र माना जाता है. सदन की व्यवस्था है, यहां भी परंपरा है, सदन नियम से संचालित होता है, माघ मेले में मौनी अमावस्या पर करीब साढ़े चार करोड़ लोग आए. सबके लिए एक व्यवस्था बनाई गई थी. कानून सबके लिए बराबर है. मेरे लिए भी वही कानून है जो किसी आम व्यक्ति के लिए है. कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता. भारत के हर व्यक्ति को कानून मानना चाहिए. (तस्वीर – एमयोगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज से साभार)