गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि हम माओवाद (Maoism) से मुक्त हो गए हैं. उन्होंने संसद में कहा कि हम माओवाद से मुक्त हो गए हैं, पूरी प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी होने के बाद देश को सूचित किया जाएगा, लेकिन मैं ऐसा बोल सकता हूं कि देश माओवाद से मुक्त हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह काम 2 साल पहले ही हो गया होता, अगर कांग्रेस ने साथ दिया होता.
गृह मंत्री ने कहा की कांग्रेस की वामपंथी विचारधारा देश के माओवाद फैलने की असल वजह है. क्योंकि कांग्रेस की पूर्व सरकारों ने माओवादियों को किसी न किसी रूप में प्रश्रय दिया. वैसे तो यह 2024 में ही खत्म हो गया होता, जो बिहार, झारखंड महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सिमट भी गया था, लेकिन छत्तीसगढ़ की तत्कालीन कांग्रेस सरकार (भूपेश बघेल सरकार) माओवादियों का समर्थन कर रही थी. गृहमंत्री ने कहा कि जो लोग एक सशस्त्र आंदोलन के पैरोकार बनाकर यह कहते हैं कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, मैं उनसे पूछता हूं कि क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं.
गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने राहुल गांधी पर नक्सलियों के समर्थन का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने लंबे राजनीतिक कैरियर में कई बार नक्सलियों और उनके हमदर्दों के साथ देखे गए. उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में कई नक्सली फ्रंट संगठन हिस्सा लिए, इसका रिकॉर्ड मेरे पास है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने साल 2010 में उड़ीसा में लाडो सिकोका के साथ मंच साझा किया था. सिकोका ने इसी मंच से भड़काऊ भाषण दिया, राहुल गांधी को माला भी पहनाई गई.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि साल 2018 में हैदराबाद में राहुल गांधी ने गुम्मांडी विट्ठल राव उर्फ गद्दार से मुलाकात की. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने नक्सली हिडमा के समर्थन में लगे नारे वाला वीडियो ने ट्वीट पर शेयर किया. इस तरह से उन्होंने 1970 से लेकर मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समर्थन किया. इसमें अगर सबसे बड़ा दोषी कोई है तो वह है वामपंथी विचारधारा वाली कांग्रेस पार्टी, नक्सलियों के साथ रहते रहते पार्टी और उनके नेता खुद नक्सलवादी बन गए हैं. (तस्वीर साभार – अमित शाह फेसबुक पेज से साभार)