जगतगुरू स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि देश तभी Hindu राष्ट्र बनेगा, जब केंद्र सरकार में 470 सीटें होंगी. जिसमें 370 Hindu सांसद हों. उन्होंने देश में हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ा है. हम सब एकजुट होकर इसे रोकेंगे. यूपी के फतेहपुर में रामगंज पक्का तालाब (हनुमान मंदिर परिसर) में भगवान जगन्नाथ मंदिर के भूमि पूजन में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि आज के हालात ऐसे हैं कि हमारे बच्चे को अपने वेद, शास्त्र और धर्मग्रंथों के नाम तक नहीं पता है, जबकि मुस्लिम समाज का बच्चा कुरान पढ़ता है.
‘वो 25-25 बच्चे पैदा करें, लेकिन हिंदुओं पर प्रतिबंध’
जगतगुरू स्वामी रामभद्राचार्य पहले भी Hindu हितों को लेकर अपने विचार रखते रहे हैं. उन्होंने पहले समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर कहा था कि – भारत में हर हाल में समान नागरिक संहिता होना चाहिए. जो भी नियम बने वो सभी के लिए हो. ऐसा नहीं होना चाहिए कि वो 25-25 बच्चे पैदा करें और हिंदुओं पर प्रतिबंध लगाए जाएं. उन्होंने कहा कि मुस्लिम भारत में रहें लेकिन हमारे अस्तित्व का सम्मान करते हुए रहें. मैंने कभी नहीं कहा कि ये देश मुसलमानों का नहीं है. लेकिन हिंदुत्व का अस्तित्व मिटाकर उन्हें रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती.
नेहरू ने ही अंबेडकर का उत्पीड़न किया
जगतगुरू स्वामी रामभद्राचार्य ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि नेहरू जी ने ही अंबेडकर से इस्तीफा दिलवाया था. हम सभी तो उनका सम्मान करते हैं लेकिन उन्होंने तो उनका उत्पीड़न किया और उन्हें चुनाव हरवा दिया. उन्होंने कहा कि मैं अंबेडकर का बहुत सम्मान करता हूं लेकिन उन्होंने मनुस्मृति को फाड़कर गलत किया था. उसमें कहीं भी ऊंच नीच की बात नहीं कही गई थी. मनुस्मृति भारत का पहला संविधान है. अगर अंबेडकर मेरे सामने होते तो मैं उन्हें मनुस्मृति का सही अर्थ बताता. (तस्वीर साभार – जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी फेसबुक पेज से साभार)