उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि Ayodhya ने स्वतंत्र भारत में रामजन्मभूमि आंदोलन के अनेक पड़ाव देखे हैं. Ayodhya के नाम से ही अहसास होता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ. कोई भी दुश्मन यहां के शौर्य, वैभव और पराक्रम के आगे टिक नहीं पाया. लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ, मजहबी जुनून और सत्ता के तुष्टिकरण की निकृष्टता में पड़कर अयोध्या को भी उपद्रव और संघर्ष का अड्डा बना दिया था.
Ayodhya में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ – प्रतिष्ठा द्वादशी के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि – जिस अयोध्या में कभी संघर्ष नहीं होता था, उस Ayodhya में पिछली सरकारों के शासन में आतंकी हमले होते थे. Ayodhya को लहूलुहान करने की कोशिश हुई. लेकिन जहां प्रभु की कृपा बरसती हो और जहां हनुमानगढ़ी में स्वयं हनुमानजी महाराज विराजमान हैं, वहां कोई आतंकवादी कैसे घुस सकता है. साल 2005 में जैसे ही आतंकियों ने दुस्साहस किया, तैसे ही पीएसी के जवानों ने ठक-ठक करके उन्हें मार गिराया.
इस कार्यक्रम के दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बतौर यूपी के मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह जी ने संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए श्रीरामजन्म भूमि आंदोलन की प्रत्यक्ष भूमिका रही है. (तस्वीर प्रभार – एमयोगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज से साभार)