Skip to content
Anju Pankaj
Anju Pankaj

  • National
  • Politics
  • Religious
  • Sports
  • Video Gallery
  • Stories
  • Tours and Travel
  • Advertise
  • Blog
Anju Pankaj

‘मंदिरों में मोहम्मद बिन कासिम के हमले से पहले की स्थिति बहाल हो’

Anju Pankaj Desk, December 5, 2024December 5, 2024

प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट (1991) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की गई है. इस कानून को चुनौती देते हुए अर्जी में कहा गया है कि – इस कानून के तहत कट ऑफ डेट 15 अगस्त, 1947 रखी गई है. लेकिन इसे तो 712 ईसवी होना चाहिए. क्योंकि 712 ईसवी में मोहम्मद बिन कासिम ने हमला किया था. जिसके बाद से हमले होते रहे और मंदिरों को गिराया जाता रहा. इसलिए अगर कोई तारीख तय करनी है तो वह 712 हो सकती है. जिसके बाद से धार्मिक स्थलों को गिराया गया. इसके लिए 15 अगस्त 1947 की तारीख तय करना असंवैधानिक है.

इस मामले में याचिकाकर्ता वकील विष्णु शंकर जैन का कहना है कि जमीयत-उलेमा-ए-हिंद और दूसरे तमाम लोग इस एक्ट का सहारा लेकर कहते हैं कि इससे तहत आप राम मंदिर के अलावा किसी दूसरे मामले में कोर्ट का रुख नहीं कर सकते. यह गलत है. उन्होंने कहा कि देश की संसद आखिर ऐसा कानून कैसे बना सकती है. ये कानून तो लोगों को कोर्ट जाने के मूल अधिकार को ही खारिज करता है. इस तरह यह संविधान की मूल भावना के भी खिलाफ है.

प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट में क्या है?
1991 में राममंदिर आंदोलन के दौरान प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट लाया गया था. जिसमें यह प्रावधान किया गया था कि राम मंदिर के अलावा दूसरी सभी धार्मिक स्थलों में 15 अगस्त 1947 की स्थिति बहाल रखी जाएगी. इस तारीख तक अगर कोई मस्जिद थी तो उसे मस्जिद ही माना जाएगा और अगर वहां मंदिर था तो उसके स्ट्रक्चर में कोई चेंज नहीं किया जाएगा. इसमें सबसे हैरान कर देने वाला प्रावधान ये था कि ऐसे मामलों में कोर्ट में अपील करने पर भी रोक लगा दी गई थी.

National

Post navigation

Previous post
Next post

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

©2026 Anju Pankaj | WordPress Theme by SuperbThemes