अमेरिका ने भारत, चीन और ब्राजील पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी कर ली है. रुस के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों से जुड़े एक बिल – सैक्शनिंग रशिया एक्ट 2025 को राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंजूरी दे दी है. अगले हफ्ते संसद में इस पर वोटिंग होगी. यह कदम रूस के खिलाफ अमेरिका की सख्त नीति से जुड़ा माना जा रहा है। अमेरिका लंबे समय से रूस पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, खासकर यूक्रेन युद्ध के बाद। ऐसे में जो देश रूस से तेल, गैस या अन्य अहम सामान खरीद रहे हैं, उन पर दबाव बढ़ाया जा रहा है। भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को देखते हुए रूस से ऊर्जा आयात जारी रखा है, जिसे अमेरिका पसंद नहीं करता। इसी कारण व्यापारिक मोर्चे पर सख्ती की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिका की नीति साफ है कि रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग किया जाए ताकि उसकी युद्ध क्षमता कमजोर हो। इसी रणनीति के तहत अमेरिका अपने सहयोगी और साझेदार देशों से भी अपेक्षा करता है कि वे रूस से दूरी बनाएँ। हालांकि भारत बार-बार कह चुका है कि उसकी विदेश नीति स्वतंत्र है और वह किसी दबाव में फैसले नहीं करता। अगर अमेरिका सच में इतना भारी टैरिफ लगाता है, तो इससे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ सकता है और वैश्विक बाजार पर भी असर पड़ सकता है।