मनोज बाजपेई की फिल्म घूसखोर पंडत का विरोध तेज होने के बाद यूपी सरकार ने इस फिल्म के डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, यह FIR मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद कराई गई. पुलिस के मुताबिक इस फिल्म का नाम और इसकी कहानी एक खास जाति, विशेषकर ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखती है. इससे नाराजगी बढ़ सकती है और कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है.
बता दें कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने इसे ब्राह्मणों का अपमान बताते हुए केंद्र सरकार से इस फिल्म को बैन करने की मांग की थी. फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडे ने कहा की फिल्म के टाइटल से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है, हम उन भावनाओं को समझते हैं, इसलिए हमने फिलहाल सभी प्रोफेशनल मटेरियल हटाने का फैसला किया है.