राष्ट्रीय स्वयं संघ प्रमुख Mohan Bhagwat ने कहा है कि संघ का सरसंघचालक किसी जाति का नहीं होगा. उसका ब्राह्मण, क्षत्रिय या किसी अन्य जाति का होना जरूरी नहीं है. बल्कि इसके लिए केवल एक शर्त है. वह है Hindu होना. भारत के रहने वाले सभी Hindu हैं. Mohan Bhagwat ने कहा कि एससी एसटी होना संघ प्रमुख बनने में कोई बाधा नहीं है और ब्राह्मण होना कोई योग्यता भी नहीं. हालांकि संघ की शुरुआत में संगठन में ब्राह्मणों (Brahmin) की संख्या ज्यादा थी लेकिन यह सब के लिए शुरू से काम करता रहा है. उन्होंने कहा कि संगठन का सारा काम सिर्फ सहयोग से चलता है.
संघ प्रमुख Mohan Bhagwat ने कहा कि हम भारत हैं, हमारी अपनी भाषाएं हैं, हमारा अपना पहनावा है .कम से कम अपने घरों के अंदर हमारी भाषा, कपड़े, प्रार्थना, खाना हमारी अपनी ही होनी चाहिए. किसी दस्तावेज़ पर आपके हस्ताक्षर किसी विदेशी भाषा में होने की जरूरत नहीं है. आप अपनी मातृभाषा में साइन कर सकते हैं. हमारे देश में मम्मी-डैडी क्यों होना चाहिए क्या माताजी-पिताजी नहीं होता. (तस्वीर – राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ -आरएसएस फेसबुक पेज से साभार)