उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलान किया है कि प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत Vande Mataram के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, इस गीत को हर स्कूल और कॉलेज में सार्वजनिक रूप से गाया और सुनाया जाना चाहिए. यह सभी के लिए जरूरी है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें राष्ट्रीय एकता और अखंडता को कमजोर करने वाले कारकों की पहचान करनी होगी. हमें उनका प्रभावी ढंग से मुकाबला करना होगा. जिससे कि भविष्य में देश की अखंडता को चुनौती देने वाले कोई जिन्ना पैदा न हो सकें. आज की एकता यात्रा व्यापक जनजागरण का आह्वान कर रही है.
वंते मातरम् का इतिहास
राष्ट्रगीत Vande Mataram की रचना Bankim Chandra Chattopadhyay ने 7 नवंबर, 1876 ई. में बंगाल के कांतल पाडा गांव में की थी. इस गीत के पहले दो पद संस्कृत और बाकी पद बांग्ला भाषा में थे. इस गीत ने उस वक्त हमारे देश पर शासन करने वाले अंग्रेजों की नींद उड़ा दी थी. इसने आजादी के मतवालों को प्रेरित किया और यह स्वदेशी आंदोलन का प्रणेता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन गया. आज आजादी के इतने साल बाद भी यह गीत देशभक्ति के भाव से भर देता है. आजादी के बाद इसे राष्ट्रगीत का दर्जा मिला. बीते सात नवंबर, को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ मनाई गई. (तस्वीर – एमयोगी आदित्यनाथ फेसबुक पेज से साभार)