भारतीय विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा है कि हम Pakistan की तरह दलाल देश नहीं है. उन्होंने ये बात सर्वदलीय बैठक में कही, जब विपक्ष ने Iran और अमेरिका के बीच Pakistan के मध्यस्थता के ऑफर पर उनसे सवाल किया तो विदेश मंत्री ने कहा कि भारत Pakistan जैसा दलाल देश नहीं है. हम किसी के लिए भी मध्यस्थता नहीं करते. बता दे कि Pakistan ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाने की पेशकश की है. Pakistan के प्रधानमंत्री से Shehbaz Sharif ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि जंग को खत्म करने के लिए सार्थक और निर्णायक बातचीत की मेजबानी करने के लिए हमारा देश Pakistan तैयार है.
Pakistan की चौधरी बनने की चाहत को उसे वक्त Iran ने झटका दिया जब Strait of Hormuz से गुजरने वाले पाकिस्तानी जहाज को Iran ने वापस लौटा दिया. दरअसल Iran की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने Pakistan के कराची जा रहे एक जहाज को Strait of Hormuz पार करने से रोक दिया. Iran का कहना है कि इस जहाज ने जरूरी अनुमति और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया था. Iran की नौसेना इकाई ने कहा कि अब इस मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाज को पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा. ऐसा माना जा रहा है कि Pakistan इस जंग में सऊदी अरब के साथ खड़ा नजर आ रहा है. जबकि सऊदी अरब चाहता है कि अमेरिका Iran को सबक सिखाए. यहां ये जानना जरूरी है कि पाकिस्तान की चूल्हा सऊदी अरब के पैसे से चलता है.
क्या है Strait of Hormuz ?
यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और संकरा समुद्री चोक पॉइंट है. जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. यह Iran और ओमान, यूएई के बीच स्थित है. वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 से 25% हिस्सा यहीं से गुजरता है, जिससे यह विश्व की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत ही रणनीतिक स्थान है. यह लगभग 167 किलोमीटर लंबा है, लेकिन इसकी सबसे संकरी जगह पर इसकी चौड़ाई केवल 33 से 39 किलोमीटर ही रह जाती है.