अमेरिका और इजरायल के हमले के बीच ईरान ने साफ कहा है कि वह अमेरिका की धमकियों से डरने वाला नहीं है. उसने कहा कि जो लोग ईरान को खत्म करने की बात करते हैं, उन्हें अपने अंजाम के बारे में विचार करना चाहिए. ईरान की सरकार ने कहा है कि ईरानी लोग अमेरिका की धमकियों से नहीं डरते. पहले भी कई ताकतवर लोग ईरान को खत्म करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन वह नाकाम रहे. ट्रंप ईरान को मिटाने की बात कर रहे हैं उन्हें सावधान रहना चाहिए कहीं ऐसा ना हो कि ईरान को खत्म करने के चक्कर में वह खुद ही खत्म हो जाएं.
इस बीच युद्ध का असर खतरनाक रूप में सामने आने लगा है. इस जंग के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ईरान में जहरीली ब्लैक रेन को लेकर अलर्ट जारी किया है, डब्ल्यूएचओ का कहना है कि तेल ठिकानों पर हमले के बाद यहां की हवा में जहरीले रसायन फैल गए हैं, इसलिए ईरान में तेल वाली बारिश हो रही है जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है,
इधर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अराघची से बात की है और ईरान में मौजूदा संकट पर चर्चा की। इस जंग से पैदा हुए एनर्जी संकट पर भारत में अलर्ट जारी हुआ है, हालांकि भारत में एलपीजी की कमी नहीं है लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए थोड़ा डर बरकार है. इन्हीं मसलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई है जिसमें प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि इस संकट के बावजूद भारत में गैस की आपूर्ति पर असर नहीं पड़ना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा है कि फिलहाल ईंधन और गैस को लेकर भारत में कोई कमी नहीं है देश में एलपीजी की पर्याप्त मात्रा है. घबराने की कोई जरूरत नहीं है.